Tuesday, 3 September 2019

गुजरा हुआ वक़्त

उसने मेरा हाथ ऐसे छोड़ दिया
उसने सारे किए वादों को ऐसे तोड़ दिया
उसने मेरे साथ बिताए लम्हों को यूं भुला दिया
जैसे मैं वो बुरा समय था जो उसने गुजार दिया।
आज वो मुझे बंदिशों में रहना सिखा रही है
मुझसे दूर जाती जा रही है
गर मैं शिकायत करू तो प्यार जताती है
वो ये सब करके सायद अपने अनसुलझे रिश्ते को बचा रही है
पर मुझे भी उससे कोई गिला नहीं सिकवा नहीं
मै अब उसके लिए सायद जी का जंजाल हूं
पर मेरा दिल ये नहीं समझता
उसके लिए आज भी है तड़पता

Maggie

1 comment:

  1. सिकवा,,,, सायद,,, भोजपुरी हो का बे

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