Monday, 30 September 2019

एक शख्स- जो अश्क दे गया

एक शख्स- "जो अश्क दे गया"


मैं नीद तो मेरा ख्वाब है, एक शख्स
मैं अश्क तो मेरी आँख है, एक शख्स
मैं दुआ तो मेरी इबादत है, एक शख्स
मैं जज्बात तो मेरी मौहब्बत है, एक शख्स


मैं दिल तो मेरी धडकन है, एक शख्स
मैं होठ तो मेरी मुस्कान है, एक शख्स
मैं किताब तो मेरे अल्फाज है, एक शख्स
मैं गीत तो मेरा साज है, एक शख्स


मैं सूरत तो मेरी सादगी है, एक शख्स
मैं फूल तो मेरी ताजगी है, एक शख्स
मैं नदी तो मेरा नीर है, एक शख्स
मैं किरदार तो मेरी पूरी कहानी है, एक शख्स


मैं सागर तो मेरी गहराई है, एक शख्स
मैं शरीर तो मेरी परछाई है, एक शख्स
मैं जम़ी तो मेरा आसम़ा है, एक शख्स
मैं एक किस्सा और मेरी पूरी दास्तान है, एक शख्स


मैं मीरा तो मेरा कृष्ण है, एक शख्स
एक शख्स, एक शख्स, एक शख्स
मुझमे, मुझमे बस मुझमे समाया है, एक शख्स ।



                                                               "मीठी"

Saturday, 21 September 2019

काश तुम मेरे होते

काश तुम मेरे होते




क्या तुमसे अच्छा क्या कोई मुझे समझ पायेगा,
मेरी बेरंग दुनिया में क्या कोई रंग लायेगा,
मेरे बन्द होठों को क्या कोई अल्फाज दे पायेगा,
मेरी अधूरी मुस्कान को क्या कोई पूरी कर पायेगा।

सूखे समंदर की प्यास क्या किसी और को समझ आयेगी,
मेरी अधूरी कहानी कहाँ तुम बिन पूरी हो पायेगी,
हे प्रियवर, झल्ली खुद से पूछती है ये सवाल,
क्या तुम बनोगे जबाव ।


जबाव मैने ढूंढ लिया था,
पर तुम कर ना सकी उस पर इकबाल,
प्रश्न आज भी प्रश्न रह गया,
तुमने किसी और का हाथ साथ अपना लिया ।
आज तुम बिन मेरी दुनिया बेरंग है,
मेरी अधूरी मुस्कान है, होठ बन्द हैं,
तुम बिन मेरी कहानी अधूरी है झल्ली,
जबाव मैं दे चुका था, तुम हमराही क्यों न बन सकीं,
आज भी यही एक सवाल  है।

Wednesday, 18 September 2019


कुछ प्रश्न




उसका और मेरा नाता कुछ तो है,
यूँ ही तो तूने हमें ना मिलाया होगा।

कुछ फलसफा तो होगा इस मुलाकात का भी,
यूँ ही तो तूने हमें न तो रूलाया होगा।

यूँ ही तो तूने हमें ना मिलाया होगा





मिला दे


उसे और मुझे तू मिला दे,
यूँ ना तू हमें जीने की सजा दे।

गर करें हैं हमने कुछ पुण्य,
तो भुला दे सब, और कर दे शून्य

सारी गिला मिटा अब,
अब हमें मिला दे।

Tuesday, 3 September 2019

गुजरा हुआ वक़्त

उसने मेरा हाथ ऐसे छोड़ दिया
उसने सारे किए वादों को ऐसे तोड़ दिया
उसने मेरे साथ बिताए लम्हों को यूं भुला दिया
जैसे मैं वो बुरा समय था जो उसने गुजार दिया।
आज वो मुझे बंदिशों में रहना सिखा रही है
मुझसे दूर जाती जा रही है
गर मैं शिकायत करू तो प्यार जताती है
वो ये सब करके सायद अपने अनसुलझे रिश्ते को बचा रही है
पर मुझे भी उससे कोई गिला नहीं सिकवा नहीं
मै अब उसके लिए सायद जी का जंजाल हूं
पर मेरा दिल ये नहीं समझता
उसके लिए आज भी है तड़पता

Maggie