Friday, 9 August 2019

वो मेरी पहली सी मौहब्बत

वो मेरी पहली सी मौहब्बत



पहली बार देखा था उसे अरनियॉ थाने में,
ब्लू जीन्स और महरून ग्रे स्वेटर में।

कुछ परेशान, थोड़ा हैरान सा लग रहा था वो,
थाने के हाल को देखकर कहाँ रहूँ, कैसे रहूँ, सोच रहा था वो।

मेरा दिल शर्माया और फिर मुस्कराया था,
क्योंकि जब मैं यहाँ पहली बार आयी थी, यही सब मुझमें समाया था।

क्यूट से चेहरे वाले उस प्यारे से इंसान ने चश्मा लगाया था,
आँखों के जरिये वो मेरे दिल में समाया था।

रातों को जगने की आदत सी हो गयी थी,
उसे हर रोज मैं नोटिस करने लगी थी।

उसके साथ होने पर मुझे राहत सी मिलती थी,
पता ही नहीं चला ये मुलाकात कब आदत, कब चाहत बन गयी थी।

उस जुनून, उस सुकून का अहसास पहले कभी नहीं था,
क्योंकि वो था मेरे पास ऐसे जैसे और कोई नहीं था।

गेहुँआ सा रंग वो उसका न जाने कैसा जादू करता था,
खुद के बस में ना ही मैं, ना ही मेरा दिल रहा करता था।

उसको छुपाया है मैने अपने दिल के कोने में,
पहली बार देखा था उसे अरनियॉ थाने में।

                                                                  "मीठी"

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